सुखधाम सदा तेरा नाम सदा,
कोई तुझसा और महान नहीं | सुखधाम.....
कण कण में रमा, घट घट में बसा
तेरा अपना कोई मकान नहीं | सुखधाम.....
कोई दींन दुखी जो पुकारे तुझे
सुनता है प्रभु तु सदा उसकी
तुझे कहते हैं नाथ दयालु सभी
कोई तुझसा दयानिधान नहीं | सुखधाम.......
तुने यूँ तो रचाए जमीं आसमाँ
पर्वत सागर बहती नदियाँ
पर ढूंढने तुझको जाएँ कहाँ
तेरा पता व कोई निशान नहीं | सुखधाम......
हे जगत पिता हे जगत पति
कोई जान सका न तुम्हारी गति
क्या योगी यति क्या साधू सती
कोई दूजा तेरे समान नहीं | सुखधाम.......
तेरा नाम जपूँ प्रभु ये वर दो
बेमोल की अब झोली भर दो
करूणानिधि अब करुणा कर दो
कोई तुझसा करुणानिधान नहीं | सुखधाम.......
🚩🌹ईश्वर आप ही महान् पावन सर्वशक्तिमान हैं,प्रभु आपकी जय हो।
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