ओ मां-बाप कहाने वालों औलाद बनाना सीख लो।
बच्चा पैदा तो जग में हर एक जानवर करता है।
खाता पीता सो जाता और डरता जीता मरता है।
दुनिया में देखो भालो औलाद बनाना सीख लो।।1।।
यही काम किए तो जग में पशु मनुष्य में भेद नहीं।
वे नर पशुओं से गिर जाते जो पढे़ शास्त्र-वेद नहीं।
यूं जन्म लजानेवालों औलाद बनाना सीख लो।।2।।
माता शत्रु पिता है वैरी जो औलाद पढ़ावे ना।
जैसे बगुला हंस-सभा में बैठ के शोभा पावे ना।
यूं शर्मानेवालों औलाद बनाना सीख लो।।3।।
समझो जहर पिलाता है जो प्यार करे संतान को।
लाड प्यार से निर्भय होकर देते दुःख जहान को।
यूं जहर पिलानेवालों औलाद बनाना सीख लो।।4।।
हुक्का सिगरेट बीड़ी पीते कहीं पशु चरवाते हो।
क्रिकेट, टी.वी. दिखा-दिखाकर इन्हें बदमाश बनाते हो।
पीछे पछतानेवालों औलाद बनाना सीख लो।।5।।
क्या दाता क्या शूरवीर क्या देशभक्त सन्तान करो।
कायर क्रूर कुकर्मी जनकर दुनिया का न नाज बिरान करो।
तादाद बढ़ानेवालों औलाद बनाना सीख लो।।6।।
बचपन में शादी कर-करके मत इनको कमजोर करो।
‘नित्यानन्द’ कहे पछताओगे जल्दी इस पर गौर करो।
ओ सुनने-सुनानेवालों औलाद बनाना सीख लो।।7।।
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