बुधवार, 27 फ़रवरी 2013

तू है सच्चा पिता सारे संसार का ओम् प्यारा--


तू है सच्चा पिता सारे संसार का ओम् प्यारा।
तू ही, तू ही रक्षक हमारा।।

परमात्मा की अद्भुत लीला 


चाँद सूरज सीतारे बनाये पृथ्वी आकाश पर्वत सजाये।
अन्त पाया नहीं तेरा पाया नहीं वार-पारा।।१।।

पक्षीगण राग सुन्दर हैं गाते जीव-जन्तु भी सिर हैं झुकाते।
उसको भी सुख मिला तेरी राह पर चला जो भी प्यारा।।२।।

पाप-पाखण्ड हमसे छुड़ाओ, वेद मार्ग पे हमको चलाओ।
लगे भक्ति में मन करें सन्ध्या-हवन जगत् सारा।।३।।

अपनी भक्ति में मन को लगाना, ‘लाल’ दुःख दूर सारे मिटाना।
दुखिया कंगालों का और धनवालों का तू सहारा।।४।।

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