गोरखपुर की जेल में बैठा मां को लिखता परवाना।
देश धर्म का दीवाना ।।
![]() |
अमर शहीद राम प्रसाद 'बिस्मिल' |
जन्मदात्री जननी मेरी ले अन्तिम प्रणाम मेरा।
जन्म-जन्म तक ना भूलूंगा मैं माता जी अहसान तेरा।
सेवा ना कर सका आपकी यही मेरा है पछताना।।1।।
मेरी मौत का मेरी मात से जब सन्देश सुनाये।
मेरी याद में तेरी आंख से आंसू ना बह जाये।
वतन पर मरने वालों की मां को ना चाहिये घबराना।।2।।
सब माताओं की माता है मेरी भारत माता।
उसकी आजादी की भेंट में चढ़ने को मैं जाता।
जिसको प्यार नहीं माता से उसका अच्छा मर जाना।।3।।
होगा वतन आजाद एक दिन ऐसा भी आयेगा।
स्वर्ण अक्षरों में मां तेरा नाम लिखा जायेगा।
‘खेमसिंह’ भी गायेगा मां बना-बना तेरा गाना।।4।।
isme lyrics de ajj
जवाब देंहटाएंInspirational song very nice
जवाब देंहटाएंWho is this KHEM SINGH ,stolen the song which is originally written by my respected english sir MR.VIPIN PRATAP SINGH in 80's.During my schooling at Navodaya vidyalaya I sung it many time. Don't try to take credit Mr. Khem Singh.
जवाब देंहटाएंBhai ji original writer iske khem singh ji hi h....
हटाएंJay hind
जवाब देंहटाएंNaam dalne se original nahi ban jayenge, script chori kiya hai
जवाब देंहटाएंV.p.singh sir wrote this beautiful song🙏🏻🙏🏻
जवाब देंहटाएंफिर हर कोई गाएगा मां , not khemchand or whatever 😡😡
जवाब देंहटाएं